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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव : कर्नाटक और गुजरात की गलतियों से सबक लेकर मप्र चुनाव लड़ा है, 140 सीटें जीतेगी कांग्रेस : कमलनाथ

सीएम बनने के सवाल पर कमलनाथ का जवाब- सीएम पद की जब मुझे चिंता नहीं है तो आपको क्यों हैं
चुनाव के पहले बैठक के वीडियो वायरल होने से सबक लेते हुए बंद कराए गए मोबाइल

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभ चुनावों की मतगणना 11 दिसंबर को होगी, उसके पहले भाजपा और कांग्रेस जीत के अपने-अपने दावे कर रही है। गुरुवार को पार्टी प्रत्याशियों की बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मीडिया से दावा किया है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में 140 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। इस बीच बैठक में सिंधिया की फोटो नहीं होने पर भी चर्चाएं होती रहीं। हालांकि मुख्यमंत्री बनने के सवाल को कमलनाथ ज्यादा कुछ नहीं बोले।

कमलनाथ ने कहा, "चुनाव भाजपा और मतदाता के बीच था। उन्होंने कहा पार्टी ने गुजरात और कर्नाटक चुनाव में कुछ ग़लतियां की थीं। उन गलतियों से सबक लेकर हमने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नई रणनीति बनाई और उस पर अमल किया। अगले 5 दिन में मध्य प्रदेश नया इतिहास लिखेगा। उन्होंने कहा मुझे एक्जिट पोल करने वालों ने फोन किया है, कि आप जीत रहे हैं।"

मुख्यमंत्री की मुझे चिंता नहीं तो आपको क्यों
कमलनाथ से मीडिया ने फिर से मुख्यमंत्री बनने के संबंध में सवाल किया तो वह बोले, सीएम पद की जब मुझे चिंता नहीं है तो आपको क्यों है। उन्होंने कहा अब शिवराज सिंह के मुख्यमंत्री पद के अगले 3-4 दिन बचे हैं, इसलिए वो जो बोलना चाहते हैं बोलें।

गड़बड़ियों को रोकने के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों की खास ट्रेनिंग
कांग्रेस मतगणना में किसी तरह की गड़बड़ी से निपटने की पूरी तैयारी में जुट गई है। इसी सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश के 229 उम्मीदवारों की भोपाल में बैठक ली। उन्हें मतगणना से जुड़ी बारीकियां बताई जाएंगी। मानस भवन में हुई बैठक में प्रत्याशियों को विधि विशेषज्ञों ने ट्रेनिंग दी। बैठक में कमलनाथ के साथ विवेक तन्खा भी शामिल रहे।

उम्मीदवारों को ईवीएम में हुई गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त को की गई शिकायतों के बिंदु बताए गए। प्रत्याशियों को बताया गया कि कैसे उन्हें मतगणना के दिन सुरक्षा और सावधानी बरतनी है। कैसे गड़बड़ियों को पहचानना और रोकना है। इसके पहले कमलनाथ ने सभी उम्मीदवारों को मोबाइल फोन बंद करा दिए। दरअसल, चुनाव से पहले वायरल हुए वीडियो की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष फूंक फूंककर कदम रख रहे हैं।

ईवीएम की सुरक्षा को लेकर मचा है बवाल
ईवीएम की सुरक्षा को लेकर पूरे प्रदेश में बवाल चल रहा है। कांग्रेस इस मसले पर चुनाव आयोग और हाईकोर्ट में अपनी शिकायत दर्ज करा चुकी है। सागर में खुरई की ईवीएम 48 घंटे बाद जमा होने पर वहां के रिटर्निंग अफसर को हटा दिया गया है। भोपाल में पीएचक्यू के मेस में डाक मतपत्र मिलने पर आयोग ने एएसआई तीन के खिलाफ कार्रवाई की है। भोपाल में पुरानी जेल को स्ट्रांग रूम बनाया गया है। यहां भी सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। इससे नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। कांग्रेस ने सतना, सागर, खरगोन सहित कई जगह पर जान बूझकर ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।


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