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100 प्रतिशत एफडीआई के खिलाफ है संघ : मोहन भागवत

विदिशा/भोपाल। सिंगल ब्रांड रिटेल सेक्टर में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) एफडीआई की मंजूरी देने के केंद्र सरकार के फैसले से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सहमत नहीं है। विदिशा में संघ के मध्यक्षेत्र के पदाधिकारियों की समन्वय बैठक के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ 100 प्रतिशत एफडीआई के खिलाफ है। सरकार ने यह फैसला क्यों किया, संघ इसकी समीक्षा करेगा। भागवत ने कहा कि सरकार के पास संसाधन नहीं हैं, इसलिए सरकार की मजबूरी रही होगी। भागवत संघ पदाधिकारियों को जिज्ञासा समाधान सत्र में संबोधित कर रहे थे।

गौरतलब है कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने भारत में सिंगल ब्रांड रिटेल सेक्टर और रियल एस्टेट सेक्टर में 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी दी है। विदिशा में संघ पदाधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि एफडीआई के फैसले पर सरकार की कोई मजबूरी रही होगी, लेकिन हम हमेशा से इसका विरोध करते आए हैं और अभी भी इसके खिलाफ हैं।

जातिगत आरक्षण का विरोध

वहीं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने जातिगत आरक्षण समाप्त करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस आरक्षण के कारण समाज में विघटन की स्थिति उत्पन्न् हो रही है। आरक्षण के कारण जिन्हें मौका नहीं मिलता उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रमोशन में आरक्षण और जातिगत आरक्षण की बजाए आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए। हालांकि एक संघ पदाधिकारी ने जब सामान्य वर्ग के लोगों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का प्रश्न किया तो भागवत ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की जरूरत नहीं है

शाखाओं में बच्चों की घटती संख्या पर चिंता

संघ की दूसरे दिन की बैठक में संघ की शाखाओं में बच्चों की घटती संख्याओं पर भी चिंता जताई गई। संघ के सहसंपर्क प्रमुख अरूण कुमार ने कहा कि बदलते दौर में लोगों की दिनचर्या में बदलाव आ गया है। उनके पास शाखाओं के लिए समय नहीं बचा है। इनमें बच्चों की संख्या तेजी से घट रही है। पहले बच्चों की संख्या अधिक होने से उन्हें बचपन से तैयार किया जाता था लेकिन अब बड़े लोग शाखा में आ रहे हैं। उन्हें संघ की नीतियों से कुशलता से तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने शाखाओं में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए एकल विद्यालय और संस्कार केन्द्र को और सक्रिय बनाने पर जोर दिया।

दलित-आदिवासी और मुस्लिम समीकरण से स्थानीय स्तर पर निपटें

बैठक में एक संघ पदाधिकारी ने सवाल पूछा कि देशभर में एससी-एसटी और मुस्लिमों का नया समीकरण बन रहा है। इस पर भागवत ने कहा कि इस तरह के समीकरणों से स्थानीय स्तर पर निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों में हमारी सरकार है, इसलिए ज्यादा विरोध हो रहा है। यदि सरकार नहीं होती तो इतना विरोध नहीं होता।

आपके जीते जी राम मंदिर बने, यह जरूरी नहीं

राम मंदिर के सवाल पर भागवत ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि आपके या हमारे जीते जी राम मंदिर बन जाए। कोर्ट में केस चल रहा है और हमें फैसले का इंतजार करना चाहिए। हमें ऐसा लगता है कि कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में आएगा।

2019 में चुनौतियां होंगी

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव में सरकार के खिलाफ लोगों ने खूब माहौल बनाया, लेकिन हम जीतकर आए। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी चुनौतियां होंगी।

कैलाश बोले, झाड़ू लगाने को हूं तैयार

संघ की बैठक में शामिल होने आए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश भाजपा में बदलाव और नई जिम्मेदारी मिलने के सवाल पर कहा कि वे भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता हैं। यदि संगठन उन्हें झाडू लगाने को भी कहेगा तो वे उसके लिए भी तैयार हैं। संघ प्रमुख भागवत से मुलाकात पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। मालूम हो विजयवर्गीय इस बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली से सीधे विदिशा आए थे। वे सुबह करीब 8 बजे विदिशा पहुंचे। बैठक में दो सत्र पूर्ण होने के बाद दोपहर को भोपाल की ओर रवाना हुए।