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वाराणसी बनेगी देश की पहली रोप-वे सिटी, सड़क से ज्यादा सुविधाजनक होगा सफर

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी देश का पहला ऐसा शहर होगा जहां सभी जगहों पर पहुंचने के लिए रोपवे की सुविधा मौजूद होगी। आब वाराणसी की सड़कों पर सड़क मार्ग से ज्यादा रोप-वे से चलना ज्यादा सुविधाजनक होगा। ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने मंगलवार को मोदी की काशी में रोप-वे के लिए मंजूरी दे दी है।

गौरतलब है इससे पहले तंग गलियों व संकरी सड़कों के शहर बनारस में सुगम परिवहन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मेट्रो संचालन की दिशा में कदम आगे बढ़ाए गए थे। राइट्स ने इस संबंध में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार कर ली थी। बाद में 17 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के बावजूद सघन आबादी के बीच इसके संचालन को लेकर संशय जताया गया। अंततः केंद्र सरकार ने मेट्रो संचालन की संभावना को खारिज करते हुए अन्य विकल्प पर सुझाव मांगे। इसी क्रम में राइट्स ने रोप-वे के साथ ही लाइट मेट्रो का विकल्प सुझाया। अब यह फाइनल हुआ है कि बनारस में रोपवे ही बेहतर विकल्प होगा और सूबे की सरकार ने इस पर अंतिम मुहर भी लगा दी गई।

वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश कुमार के अनुसार कुछ दिनों पूर्व तीन कंपनियों ने बनारस में रोपवे को लेकर अपने प्रस्ताव दिए हैं। इसमें सबसे बेहतर फ्रांस की कंपनी डॉपलमायर को पाया गया। यह वही कंपनी है जो पूरी दुनिया में बेहतरीन रोप-वे सुविधा मुहैया कराने के लिए जानी जाती है। सघन आबादी और संकरी सड़कों वाले बोलीविया के लापाज शहर में डॉपलमायर ने ही रोपवे का प्रोजेक्ट पूरा किया जिसकी तारीफ पूरी दुनिया करती है।

समूचे शहर में रोपवे का प्रस्ताव

वाराणसी विकास प्राधिकरण ने फ्रांसीसी कंपनी के सर्वे के बाद शासन को करीब-करीब समूचे शहर के लिए रोप-वे रूट का प्रस्ताव दिया है। इसमें गंगा किनारे के क्षेत्र में लंका (बीएचयू) से लेकर गोदोलिया होते हुए मैदागिन और गंगा पार में रामनगर से पड़ाव तक के मार्ग को प्राथमिक चरण के तहत रखा गया है। इसके अलावा कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर राजघाट के समीप काशी स्टेशन पर प्रस्तावित मल्टी मॉडल टर्मिनल तक का भी रोप-वे रूट प्रस्तावित है।

वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार के मुताबिक हमारी तरफ से शहर के सभी रूट पर रोपवे के लिए प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा शहर के मध्य से गुजरने वाली वरुणा नदी पर बन रहे कॉरिडोर में भी दोनों किनारों पर रोप-वे का प्रस्ताव विकास प्राधिकरण ने पास किया है।

 

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