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Facebook ने फिर 15 लाख यूजर्स के E-mail अपलोड किए, जानें पूरा मामला

सैन फ्रांसिस्को। जानी मानी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक का निजता के उल्लंघन का एक और मामला सामने आया है। हालांकि इस बार यह जानकारी खुद कंपनी की तरफ से ही दी गई है। कंपनी ने खुद ही इसे स्वीकार करते हुए कहा कि उसने अनजाने में पिछले तीन सालों में अपने 15 लाख यूजर्स के ई-मेल अपलोड कर लिए हैं।

फेसबुक के प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि मई 2016 से 15 लाख लोगों के ई-मेल को जमा किया गया है। ताकि सामाजिक संपर्क के लिए 'Facebook Web' बनाने में मदद मिले और अन्य यूजर्स को उन्हें अपना दोस्त बनाने की सिफारिश भी की गई।

फेसबुक पहले ही कैम्ब्रिज एनालिटिका घोटाले समेत डाटा संबंधी कई घपलों पर आलोचनाओं का सामना कर रहा है। इस बारे में सबसे पहली जानकारी 'बिजनेस इनसाइडर' ने दी थी। उस समय एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने यह पाया था कि जब कुछ लोगों ने अपने account की पुष्टि के लिए एक नए account में साइन अप किया तो उनसे उनका ई-मेल पासवर्ड पूछा गया।

इस पर फेसबुक के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि पिछले महीने से हमने ई-मेल पासवर्ड वैरीफिकेशन की पेशकश बंद कर दी है। इसमें यूजर को एक विकल्प के रूप में फेसबुक नए एकाउंट में पहली बार साइन अप करते हुए उनका ई-मेल पासवर्ड पूछा जाता था।

अब facebook का कहना है कि उन्होंने इस विवादित मुद्दे को सुलझा लिया है। वह अब बाहर से लिए गए नंबरों के लोगों को अधिसूचित कर रहे हैं। facebook ने सफाई देते हुए कहा कि उनके यह फोन नंबर और ई-मेल किसी से साझा नहीं किए गए हैं और कंपनी अब उसे डिलीट कर रही है।

लोग facebook से साझा किए अपने कांटेक्ट को सेटिंग में जाकर फिर से मैनेज कर सकते हैं या उसके स्टेट्स को रिव्यू कर सकते हैं।

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