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अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुलभूषण जाधव के खिलाफ ठोस सबूत देगा पाकिस्तान : कुरैशी

लंदन। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कुलभूषण जाधव को लेकर कहा है कि पाकिस्तान 19 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती के साथ रखेगा। उन्होंने कहा कि खुफिया ऑपरेशन के दौरान भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को गिरफ्तार किया गया था।

बताते चलें कि पाकिस्तान सरकार जाधव के भारतीय जासूस होने का दावा करती है। जबकि वास्तव में वह भारत के पूर्व नौसैनिक अधिकारी हैं, जो अपने कारोबार के सिलसिले में ईरान के सीमावर्ती इलाके में गए थे। वहां से तालिबान ने उन्हें पकड़कर पाकिस्तानी एजेंसियों के हवाले कर दिया था। कानूनी सहायता दिए बगैर जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।

भारत ने इस सजा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपील की है, जहां से जाधव की सजा को स्थगित कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होनी है। मैनचेस्टर में आयोजित एक स्वागत समारोह में कुरैशी ने कहा, पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में जाधव के शामिल होने के सारे सबूत मौजूद हैं।

जाधव ने उन सभी घटनाओं में खुद के शामिल होने की पुष्टि की है। पाकिस्तान का कानूनी दल इन्हीं सबूतों को 19 फरवरी को द हेग के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में सुनवाई के दौरान रखेगा। बताते चलें कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय, संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत कार्य करती है और यह देशों के बीच होने वाले विवादों को सुलझाने का कानूनी मंच है।

पाकिस्तान सरकार के अनुसार, जाधव कोई सामान्य व्यक्ति नहीं है। वह पाकिस्तान में तोड़-फोड़ वाली गतिविधियां करने के उद्देश्य से ही दाखिल हुआ था। उसने अपना कार्यक्षेत्र बलूचिस्तान को बनाया था। हालांकि, पाकिस्तान ने जाधव को वकील मुहैया नहीं कराया। जाधव को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया, जो कि वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है।

पाकिस्तान के इन आरोपों का भारत शुरू से ही खंडन करता आया है। भारत का कहना है कि जाधव को गलत तरीके से अगवा कर पाकिस्तान में ले जाया गया और उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।