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धार में 7 दिवसीय योगा प्रशिक्षण शिविर एवं कार्यशाला का समापन

धार। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के प्रोटोकाल अनुसार योगा क्रम- चालन क्रिया, ग्रीवाचालन, स्कंध खिचाव, स्कंध चालन, कटी चालन, घुटना चालन, खड़े होकर किये जाने वाले आसन- ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, बैठकर किये जाने आसन- भद्रासन, वज्रासन, अर्थ उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शषांकासन, उत्तान, मंडूकासन, वक्रासन, उदार के बल लेटकर किये जाने वाले आसन- मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, पीठ के बल लेटकर किये जाने वाले आसन- सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन, शवासन, इनके अलावा कपालभाति, प्राणायम, ध्यान संकल्प और शांतिपाठ योग गुरू श्री राजकुमार चौहान, डाॅ. हंसा बारिया जिला आयुष अधिकारी, डाॅ. रमेशचन्द्र मुवेल, डाॅ. गायत्री मुवेल, डाॅ. नरेन्द्र नागर, डाॅ. पुष्पराजसिंह चौहान, डाॅ. दीपक यादव, डाॅ. सरदारसिंह मालवीय, डाॅ. कैलाश चौहान तथा जनसामान्यों उक्त 7 दिवसीय शिविर का लाभ लिया।

योग पर कार्यशाला का आयोजन हुआ

धार। स्थानीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए विषय जीवन में योग का महत्व, योगा फ्रार हार्ट पर व्याख्यान माला का आयोजन योग गुरू राजकुमार चौहान, जगदीश चन्द्र शर्मा, आर.सी. कष्यप के मार्गदर्शन में तथा डाॅ. हंसा बारिया जिला आयुष अधिकारी एवं चिकित्सक डाॅ. रमेशचन्द्र मुवेल, डाॅ. गायत्री मुवेल, डाॅ. नरेन्द्र नागर, डाॅ. भाग्यश्री नावड़े, डाॅ. प्रमिला चैहान, ने अपने-अपने विचार रखे नियमित योग आहार विहार, से हार्ट को स्वस्थ्य रखकर हार्ट डिजीज से बचा सकता है। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. रमेषचन्द्र मुवेल एवं आभार डाॅ. नरेन्द्र नागर ने व्यक्त किया।