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भाजपा का मिशन तमिलनाडु : दो दिन के दौरे पर चेन्नई पहुंचे अमित शाह, तलाशेंगे सियासी जमीन

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को दो दिन के दौरे पर दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई पहुंच गए हैं। शाह यहां कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और तमिलनाडु भाजपा इकाई के प्रतिनिधियों और सहयोगी एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। शाह की यह यात्रा इसलिए भी अहम है क्योंकि राज्य में अगले साल मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। वैसे शाह जब भी किसी राज्य में जाते हैं तो वहां की राजनीति में हलचल मच जाती है।

एम अलगिरि से करेंगे मुलाकात
अमित शाह अपने चेन्नई दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के बेटे और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन के बड़े भाई एम अलगिरि से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा अलगिरि की संभावित पार्टी केडीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है। अलगिरि की बात करें तो वे डीएमके में काफी उपेक्षित रहे हैं।

अलगिरि के करीबी भाजपा में शामिल
अलगिरि के करीबी केपी रामलिंगम शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा, 'एमके अलगिरी (डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के भाई) के साथ मेरे करीबी संबंध हैं। मैं उन्हें भारतीय जनता पार्टी में लाने की कोशिश करूंगा।' बता दें कि रामलिंगम डीएमके के निलंबित नेता हैं। वे संसद के पूर्व सदस्य भी रह चुके हैं।

एआईएडीएमके से तल्खी
राज्य की सत्तारूढ़ एआईएडीएमके पार्टी के साथ भाजपा का गठबंधन है। हाल के दिनों में दोनों पार्टियों के बीच तल्खी बढ़ती दिखाई दी है। जयललिता के निधन के बाद पार्टी के करीबी कई उद्योगपतियों के यहां छापेमारी और बागी नेता ओ पनीरसेल्वम के विद्रोह और पार्टी के विभाजन में भाजपा का हाथ माना जाता है। कहा जाता है कि एआईएडीएमके के शीर्ष नेतृत्व के पास भाजपा की ऐसी आक्रामक सियासी नीतियों से निपटने में दक्षता नहीं थी।

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