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अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने हेतु प्रशासन ने शुरू की तैयारियां, मैरिज हॉल से लेकर कैटर्स संचालकों को दी हिदायत, बाल विवाह होने पर होगी कानूनी कार्रवाई

धार। अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिये प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। ऐसे आयोजनों पर अंकुश लगाने जहां लोगो को जागरूक किया जा रहा है, वहीं कार्यक्रमों में सेवाए देने वाले मैरिज हॉल, टैंट व्यवसायी, बैंड-बाजा, कैटर्स संचालकों के अलावा पंडित-मौलवियों को भी सख्त संदेश दिया जा रहा है। उनसे कहा गया कि वैवाहिक आयोजन के पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं वर-वधु निर्धारित आयु से कम के तो नही है। यदि ऐसा पाया गया तो दोनों पक्षों के अलावा आयोजन कार्यरत सभी व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही की जावेगी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुभाष जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 03 मई को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बाल विवाह होने की संभावना बनी रहती है। बाल विवाह कानूनी अपराध है। इस पर दो वर्ष का कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये के जुर्माने का प्रावधान है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार विवाह के लिये युवती की उम्र 18 वर्ष एवं युवक की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। इससे कम आयु की शादी बाल विवाह की श्रेणी मे आती है। प्रशासन ने नागरिकों से बाल विवाह की सूचना देने की अपील की है। उक्त शिकायत देने वाले रिश्तेदार, पड़ोसी या अन्य लोगो का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इस तरह की शिकायत चाईल्ड लाईन नंबर 1098 के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाईल नंबर एंव व्हाट्सअप नंबर पर की जा सकती है। साथ ही ऐसे आयोजनों पर आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी नजर रखी जा रही हैं, तथा पहले से ही संबंधितों के दस्तावेज चेक करने की प्रक्रिया भी की जाएगी।

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