Follow us:

E-wallet Fraud : सावधान, गूगल पे, पेटीएम, फोन पे जैसे ई-वॉलेट में भी साइबर ठगों की सेंध

रायपुर। E-wallet Fraud : अगर आप पेटीएम, गूगल पे या फोन पे का इस्तेमाल करते हैं और मोबाइल पर केवाईसी अपडेट करने के लिए मैसेज आए तो उसमें दिए गए नंबर पर गलती से भी कॉल न करें। नहीं तो आपके खाते से रुपये निकल सकते हैं। दरअसल साइबर ठग अब ई-वालेट्स में सेंध लगा रहे हैं। पिछले कुछ महीने में राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में इस तरह की ठगी के मामले बढ़े हैं। जनवरी से लेकर अब तक 20 से अधिक केस अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज हो चुके हैं। लगातार ऐसे केस सामने आने के बाद रायपुर पुलिस ने लोगों को अलर्ट किया है।

दरअसल साइबर ठग रोज ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हम में से बहुत से लोग इलेक्ट्रॉनिक वालेट्स जैसे गूगल पे, पेटीएम, फोन पे, मोबिक्विक या अन्य कोई वालेट्स का उपयोग करते हैं। जब कभी किसी कारण से ये वालेट्स काम करना बंद कर देते हैं तो आपको फोन कॉल आता है और कहा जाता है कि आपके वालेट्स को अब अपडेट करने की आवश्यकता है, अन्यथा यह काम नहीं करेगा।

खुद को बैंककर्मी बताकर शातिर ठग यह भरोसा दिलाते हैं कि मोबाइल फोन पर ही सेटिंग कराकर केवाईसी अपडेट कर देगा, इसके लिए आपको मुझे किसी भी प्रकार की कोई जानकारी, ओटीपी आदि शेयर नहीं करनी पड़ेगी। इस तरह से आपको विश्वास में लेकर ठग कहेगा कि बस आपको एक एप इंस्टाल करना होगा।

एप इंस्टाल करते समय आपकी गतिविधियों होती है ठग की निगाह

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि क्विक सपोर्ट एक रिमोट कंट्रोल एप है। इस एप को अपने मोबाइल में जब आप इंस्टाल करते हैं तो आपके मोबाइल की सारी गतिविधियों को ठग अपने मोबाइल में देख सकता है। केवाईसी अपडेट करने के लिए वह कार्ड को आपको अपने मोबाइल में डालने को बोलेगा। आप जब भी कोई सूचना अपने मोबाइल में डालेंगे, वह रिमोट एक्सस के जरिये उसको देख रहा होता है और कार्ड की डिटेल व सीवीवी न लेकर ओटीपी का स्वयं इस्तेमाल कर आपके खाते से वह सारे पैसे चुरा लेता है।

सावधान रहें, सुरक्षित रहे

एडिशनल एसपी सिटी व साइबर सेल प्रभारी पंकज चंद्रा ने बताया कि अगर आपके पास कोई फोन कॉल आता है और किसी भी प्रकार के एप्लीकेशन को इंस्टाल करने की बात करता है तो भूलकर भी ये गलती न करें, क्योंकि आप ठगी के शिकार हो सकते हैं। पिछले कुछ महीने से इस तरह की ठगी के मामलों में इजाफा हुआ है। जालसाज क्यूआर कोड, केवाईसी व लिंक के माध्यम से लोगों के खातों से पैसे निकाल रहे हैं।

इस तरह हो रही ठगी

पेमेंट बैंक या पेटीएम पेमेंट बैंक से एक्टिवेटेड खाते व उनके डेबिड कार्ड की पूरी जानकारी ठग प्राप्त कर लेते हैं। उसके बाद सोशल साइट्स पेज पर बैंक के टोल फ्री नंबर एवं कस्टमर सर्विस नंबर डाल देते हैं। जब कोई ग्राहक कॉल करता है तो केवाईसी अपडेट करने के नाम पर लोगों से रिमोट सपोर्ट एप डाउनलोड कराते हैं।

उसके बाद उनसे खाते से दो रुपये ट्रांजेक्शन करने के लिए कहा जाता है। इसी समय खाते की डिटेल उन्हें प्राप्त हो जाती है। इसके बाद ग्राहक के खाते से रुपये निकाल लिए जाते हैं। इसके अलावा बैंक के एक नंबर पर यूपीआइ मैसेज फारवर्ड कराकर खातों में पैसा ट्रांसफर कर लिया जाता है।

Related News