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लोकेशन हिस्ट्री ऑफ करने के बाद भी Google के रडार पर यूजर, हुआ खुलासा

Google Location Tracking Surveillance Tactics: लोकेशन हिस्ट्री ऑफ करने के बावजूद यूजर्स Google के रडार पर रहते हैं। Google के इंजीनियर्स ने खुद इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने स्वीकारा कि Google के लोकेशन एप्लीकेशन ऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स में कुछ गड़बड़ियां है जिसकी वजह से यह फूलप्रूफ नहीं है।

एरिजोना के अटार्नी जनरल ने तीन महीने पहले इस मामले को लेकर याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि गूगल की डाटा संग्रह करने की प्रक्रिया ने राज्य के उपभोक्ता धोखाधड़ी कानून का उल्लंघन किया था। इससे पहले साल 2018 में एसोसिएट प्रेस (AP) की कंज्यूमर धोखाधड़ी वाले मामले की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ था। पिछले हफ्त की फाइलों के मुताबिक, साल 2018 में AP की रिपोर्ट के बाद गूगल को पता चला था कि उस पर मुसीबत आने वाली है।

गूगल में लोकेशन हिस्ट्री को ऑफ किए जाने के बावजूद गूगल यूजर्स पर नजर रखे हुए था। जारी किए गए दस्तावेजों में गूगल के इंजीनियर्स ने स्वीकारा कि लोकेशन एप्लीकेशन ऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स में कुछ गड़बड़ियां है और यह भ्रामक हो सकती है। दस्तावेजों में गूगल के आंतरिक ईमेल और नई शिकायतें शामिल हैं जो पहले की तुलना में कुछ कम हैं।

गूगल के एक इंजीनियर ने कहा कि वो इस मामले में AP की रिपोर्ट से सहमत है। लोकेशन ऑफ का मतलब हमेशा ऑफ होना चाहिए, जबकि यह कई बार ऑफ होता है कई बार नहीं। कंपनी के आंतरिक ईमेल का सार्वजनिक होना शर्मनाक है। कंपनी पर करोड़ों लोग विश्वास करते हैं और मुफ्त सेवाओं के बदले अपनी व्यक्तिगत जानकारी देते हैं।