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जबलपुर: नर्मदा कुंभ की नींव रखने वाले जदतगुरुदेव डॉ श्याम देवाचार्य महाराज का कोरोना से निधन,लगवा चुके थे वैक्सीन के दोनों डोज

जबलपुर। मध्य प्रदेश में नर्मदा कुंभ की नींव रखने वाले जदतगुरुदेव डॉ श्याम देवाचार्य महाराज ने कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद दम तोड़ दिया. दोनों वैक्सीन लगवाने के बाद वह हरिद्वार कुंभ में शामिल होने पहुंचे थे, जहां वो वायरस की चपेट में आ गए. उनके निधन के बाद संस्कारधानी, महाकौशल समेत देश-प्रदेश के संत समाज में शोक का लहर है. बीजेपी विधायक अजय विश्नोई समेत उनके अनेक भक्तों ने इसे समाज की बड़ी क्षति बताया.

CM शिवराज ने जताया दुख
नरसिंह मंदर के प्रमुख महामंडलेश्वर के निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी दुख व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से ट्वीट कर अपनी भावनाएं व्यक्त की.

आइए जानें जगतगुरु के जीवन से जुड़ी खास बातें

8 फरवरी 1953 को जगतगुरुदेव डॉ श्याम देवाचार्य महाराज का जन्म हुआ
1971 में विजय दशमी के दिन उन्होंने संन्यास विरक्त दीक्षा प्राप्त की
नर्मदा कुंभ शुरू करवाया, 2020 में 7वें नर्मदा गौ कुंभ को सफलतापूर्वक आयोजित किया
नर्मदा कुंभ में विभिन्न समुदायों, 13 अखाड़ों व साहित्यकारों को नर्मदा तट तक लाने का काम भी इन्होंने ही किया
18 जून 2004 को नरसिंह मंदिर के चौथे महंत के रूप में गुरुगद्दी संभाली
वैदिक ग्रंथों के अध्ययन के साथ रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से PHD प्राप्त की
18 जनवरी 2007 को इलाहबाद कुंभ में महामंडलेश्वर पद हासिल किया
उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ में दिगम्बर अनी अखाड़े ने उनका श्रीराम रंगी द्वाराचार्य जगत गुरु के पद पर पट्टाभिषेक किया
डॉ श्याम अखिल भारतीय संत समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे
विश्व हिन्दू परिषद के संत समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मार्गदर्शक मंडल के संयोजक थे
राम जन्मभूमि न्यास प्रमुख के उपाध्यक्ष और मार्गदर्शक मंडल के विशेष सलाहकार थे
न्यूयॉर्क में आयोजित विश्व शांति सम्मेलन में देश का प्रतिनिधित्व किया
हरिद्वार कुंभ में शामिल होने के दौरान कोरोना की चपेट में आए 16 अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया
वैक्सीन के दोनों डोज लगवा चुके थे महाराज
बता दें कि शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण से अपनी जान गंवाने वाले जगतगुरु कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके थे. लेकिन इसके बाद वह हरिद्वार कुंभ पहुंच गए, जहां की भीड़ में वो संक्रमित हो गए. बीमारी बढ़ने के बाद उनका इलाज नहीं हो सका और शुक्रवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन पर पाटन से बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि धर्म पथ पर अडिग रहते हुए वह हरिद्वार गए थे, धर्म पताका हाथ में थामे हुए ही उन्होंने प्राण त्याग दिए. स्वामी ने हमेशा सभी को कोरोना से बचे रहने का संदेश दिया.

 

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