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पाकिस्‍तान : अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर रात 8 बजें वोटिंग, इमरान खान की हार तय

नई दिल्‍ली। पाकिस्तान की राजनीति के लिए शनिवार (आज) काफी अहम दिन है। नेशनल असेंबली में मतदान होना है। इमरान सरकार रहेगी या नहीं, ये वोटिंग के बाद तय हो जाएगा। पाक में कुल सांसदों की संख्या 342 है। इमरान को फ्लोर टेस्ट पास करने के लिए 172 वोट की जरूरत है। हालांकि सरकार के पास सिर्फ 142 सांसदों का समर्थन हासिल है। वहीं विपक्ष अपने साथ 199 सांसदों के होने का दावा कर रहा है।

देश को संवैधानिक संकट में न डालें

शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि देश फैसला करेगा। भूल जाओ कि मैं पीटीआई के सदस्य के रूप में बोल रहा हूं। मैं अब एक पाकिस्तानी के रूप में बोल रहा हूं। इस देश को संवैधानिक संकट में न डालें। उन्होंने कहा, 'हमने कभी वार्ता से इंकार नहीं किया है। हमारे प्रधानमंत्री ने हमेशा कहा है कि अगर भारत शांति का एक कदम लेगा तो हम दो लेंगे।' भारत में जो हिंदुत्व की सोच आई हुई है, जो आरएसएस की सोच दिल्ली में काबिज है। वह वर्ता नहीं चाहती।

कश्मीरियों को जकड़े रखना चाहते है

विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि भारत कश्मीरियों को जकड़े रखना चाहती है। वह जुल्म की चक्की में कश्मीरियों को पीसना चाहती है। उन्होंने कहा अमेरिका के एनएसए ने हमारे NSA को कॉल कर न जाने के लिए कहा। मुझे बताएं कि ऐसा कहा होता है कि एक संप्रभु देश को उसके द्विपक्षीय दौरे से रोका जाए।

हम आज हैं, कल नहीं होंगे

विदेश मंत्री शाह महमूद ने कहा कि हम आज हैं कल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, 'ऐसा कौन-सा देश होगा, जहां चुनी हुई सरकार के साथ ऐसा होता होगा।' महमूद ने कहा कि पर्दे के पीछे सरकार बदलने की कोशिश हो रही है। इतिहासकार की कलम बड़ी क्रूर होती है। यह किसी को माफ नहीं करती।

नेशनल असेंबली में गतिरोध जारी

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में गतिरोध जारी है। विपक्ष ने सदन में पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित अविश्वास प्रस्ताव पर जोर दिया। जबकि इमरान सरकार ने विदेशी साजिश पर चर्चा की मांग की। गतिरोध ऐसे समय में आया जब पाकिस्तान के संयुक्त विपक्ष ने नेशनल असेंबली के अध्यक्ष असद कैसर से मुलाकात की।

विपक्ष पूरी ताकत के साथ उतारा

अविश्वास प्रस्ताव को नेशनल असेंबली के दिन के एजेंडे में चौथे स्थान पर रखा गया है। विपक्ष जहां पूरी ताकत से उतर आया है। वहीं ट्रेजरी बेंच के बहुत कम सदस्य हाजिर हुए। जियो न्यूज के मुताबिक प्रधानमंत्री इमरान खान भी सदन में मौजूद नहीं थे। पीएमएल-एल नेता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलो को सही ठहराया है।

अदालत के आदेशों का पालन किया जाएगा

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री शाह महमूस कुरैली को फ्लोर देते हुए कैसर ने जवाब दिया कि अदालत के आदेशों का पालन किया जाएगा। संयुक्त विपक्ष ने अपने संसदीय समूह की बैठक भी की। जिसकी अध्यक्षता पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने की। इसमें 176 सांसदों ने भाग लिया। इमरान खान को बेदखल करने के लिए विपक्ष को 172 सांसदों के समर्थन की जरूरत है।

इमरान खान ने की बैठक

सत्र से पहले शुक्रवार को पीएम इमरान खान ने पार्टी के संसदीय समूह के साथ बैठक की। इस बीच सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि सरकार विधानसभा में धमकी देने वाली केबल पेश करेगी। जिसमें कथित तौर पर सरकार के खिलाफ विदेशी साजिश का सबूत होगा।

 

 

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