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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राहुल गांधी सहित कई दिग्गजों ने देशवासियों को दी ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की मुबारकबाद

पैगंबर मोहम्मद का जन्म अरब के शहर मक्का में 570 ईस्वी में हुआ था. इस्लाम धर्म के अनुसार मोहम्मद साहब आखिरी नबी माने जाते हैं.

नई दिल्ली। आज ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का त्योहार मनाया जा रहा है. इस त्योहार को बारावफात भी कहा जाता है. इसीलिए मुस्लिम समुदाय के लोग ये पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति कोविंद, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने देशवासियों को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की बधाई दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लोगों को ईद-ए-मिलाद-उन-नब़ी की बधाई दी है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'मिलाद-उन-नबी की बधाई! चारों और शांति और समृद्धि हो. दया और भाईचारे के गुण हमेशा कायम रहें. ईद मुबारक.'

वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर लिखा, पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के पावन अवसर पर, मैं सभी देशवासियों, विशेष रूप से हमारे मुस्लिम भाइयों-बहनों को मुबारकबाद देता हूं. आइए हम सब पैगंबर मोहम्मद के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज की खुशहाली के लिए और देश में सुख-शांति बनाए रखने के लिए कार्य करें.'

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "मिलाद-उन-नबी के अवसर पर मेरी शुभकामनाएं. हम करुणा, शांति और भाईचारे की भावना से निर्देशित हों. ईद मुबारक!"

इसके अलावा लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत और एनसीपी नेता सुप्रिया सूले ने भी ईद की बधाई दी है. ओम बिरला ने कहा, 'ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की शुभकामनाएं. आज के दिन हम समाज में शांति, सद्भाव, आपसी प्रेम की भावना को मजबूत बनाते हुए देश की उन्नति और देशवासियों के कल्याण में सक्रिय सहभागिता के अपने संकल्प को दोहराते हैं.'

कमलनाथ ने कहा, "ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की तहेदिल से मुबारकबाद."

एनसीपी नेता सुप्रिया सूले ने कहा, "आज हम ईद-उल-मिलाद का त्योहार मना रहे हैं जो प्यार का संदेश देता है. इस मौके पर सभी को शुभकामनाएं."

क्या है इसका इतिहास?
पैगंबर मोहम्मद का जन्म अरब के शहर मक्का में 570 ईस्वी में हुआ था. मोहम्मद साहब के पिता का नाम हजरत अब्दुल्लाह और माता का नाम आमना बीबी था. इस्लाम धर्म के अनुसार मोहम्मद साहब आखिरी नबी माने जाते हैं. हज़रत आदम अल इस्लाम से लेकर मोहम्मद साहब से पहले तक एक लाख चौबीस हज़ार नबी आये जिसमें हजरत नूह, हज़ार मूसा, हज़रात इसा के भी नाम शामिल हैं. मोहम्मद साहब आखिरी नबी थे और अल्लाह ने इन्हीं को पवित्र कुरान अता किया था जिसे आसमानी (अकाशी) किताब भी कहा जाता है.

इस्लाम धर्म में चार आसमानी (आकाशीय ग्रन्थ) है जिसमें कुरान की सबसे ज़्यादा मान्यता है. मोहम्मद साहब से पवित्र ग्रंथ कुरान के आदर पर ही इस्लाम धर्म का प्रचार किया था. इस्लाम धर्म को पूरी दुनिया में मानने वाले कुरान को मानते हैं.

 

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