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देश को संबोधित कर रहे पीएम मोदी, कहा - एक साल के भीतर देश में लॉन्च हुई 2 वैक्सीन, दुनिया के बड़े-बड़े देशों को वैज्ञानिकों ने बताया पीछे नहीं भारत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि बहुत लोगों ने अपनों को खोया है. पीएम मोदी ने कहा कि महामारी में देश एकजुट होकर खड़ा रहा.

पीएम मोदी ने कहा- वैक्सीन में केन्द्र की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में कम होते कोरोना के मामलों के बीच, केंद्र सरकार के सामने अलग-अलग सुझाव भी आने लगे, भिन्न-भिन्न मांगे होने लगीं. पूछा जाने लगा, सब कुछ भारत सरकार ही क्यों तय कर रही है? राज्य सरकारों को छूट क्यों नहीं दी जा रही? राज्य सरकारों को लॉकडाउन की छूट क्यों नहीं मिल रही? One Size Does Not Fit All जैसी बातें भी कही गईं.

पीएम ने कहा- आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी ज्यादा बढ़ने वाली है
पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधित करते हुए कहा कि पिछले काफी समय से देश लगातार जो प्रयास और परिश्रम कर रहा है, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी ज्यादा बढ़ने वाली है. आज देश में 7 कंपनियां, विभिन्न प्रकार की वैक्सीन्स का प्रॉडक्शन कर रही हैं. तीन और वैक्सीन्स का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में चल रहा है.

भारत ने 1 साल के भीतर ही एक नहीं बल्कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स लॉन्च कर दी- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर आशंका को दरकिनार करके भारत ने 1 साल के भीतर ही एक नहीं बल्कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स लॉन्च कर दी. उन्होंने कहा कि हमारे देश ने, वैज्ञानिकों ने ये दिखा दिया कि भारत बड़े-बड़े देशों से पीछे नही है. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है.

पीएम ने कहा- वैक्सीन की मांग की तुलना में बनाने वाली कंपनियां बहुत कम
आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं. कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता? प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे. विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था.

भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी. भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई. इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया. सरकार के सभी तंत्र लगे.

इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है. इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी. इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है.

पीएम मोदी ने कहा 100 साल की ये सबसे बड़ी महामारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कोरोना 100 साल में सबसे बड़ी महामारी है. उन्होंने कहा कि बहुत लोगों ने इस महामारी के चलते अपने को खोया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की लड़ाई अभी जारी है. उन्होंने कहा कि ऐसी त्रासदी विश्व ने कभी नहीं देखी है.

 

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