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सीएम गहलोत ने समिति गठन का किया स्वागत, सचिन पायलट पहुंचे जयपुर, जोरदार स्वागत

जयपुर। सचिन पायलट की कांग्रेस अलाकमान के साथ सोमवार को हुई बैठक के बाद अब राजस्थान में लंबे समय से जारी सियासी उठापटक समाप्त होती नजर आ रही है। राज्य में पायलट की ओर से उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए कांग्रेस ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। पायलट और गहलोत दोनों ने ही समिति गठन करने के फैसले का स्वागत किया है। गहलोत ने जहां इस निर्णय का स्वागत किया तो दूसरी ओर पायलट ने भी अपना रुख नर्म करते हुए कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत शत्रुता का स्थान नहीं है। अब तक का अपडेट-

सचिन पायलट आज जयपुर पहुंचे 
लंबी खींचतान और उठापटक के बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट आज जयपुर पहुंच गए। यहां उनके समर्थकों ने उनका नारेबाजी के साथ स्वागत किया। कल उन्होंने दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। 

'भाजपा ने सरकार गिराने की पूरी कोशिश की लेकिन असफल रही'
इसे लेकर गहलोत ने कहा, 'हमारी पार्टी में भाईचारा और शांति बनी रहेगी। शिकायतों के निपटारे के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। भाजपा ने सरकार गिराने की भरपूर कोशिश की, लेकिन अंत में हमारे सभी विधायक साथ हैं, हमारे एक भी विधायक ने हमारा साथ नहीं छोड़ा है।' गहलोत ने आरोप लगाया, 'आयकर और सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है और धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है।  लेकिन, हमारी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और हम अगले चुनाव में भी जीत हासिल करेंगे।'

राजनीति में व्यक्तिगत दुश्मनी की जगह नहीं : पायलट
मुद्दों को सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान की ओर से तीन सदस्यीय समिति के गठन को लेकर सचिन पायलट ने कहा, 'मैंने और कुछ विधायकों द्वारा मुद्दे उठाए जाने के बाद कांग्रेस ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। जो मुद्दे हमने उठाए वह बहुत महत्वपूर्ण हैं। राजनीति में द्वेष या व्यक्तिगत शत्रुता का कोई स्थान नहीं है।' राहुल और प्रियंका गांधी के साथ बैठक को लेकर पायलट ने कहा कि दोनों ने हमारी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि उन्हें हल करने के लिए एक रोड मैप तैयार किया जाएगा।

वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा उन्हें 'निकम्मा' कहने पर पायलट ने कहा, 'मैंने अपने परिवार से कुछ मूल्यों को ग्रहण किया है, मैंने किसी का कितना भी विरोध किया हो, लेकिन कभी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया। अशोक गहलोत जी मुझसे बड़े हैं और मैं व्यक्तिगत तौर पर उनका सम्मान करता हूं लेकिन मुझे काम से संबंधित मुद्दों को उठाने का अधिकार है।' पायलट ने कहा, 'मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, ये चीजें आती हैं और जाती हैं। हमें जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में काम करने की जरूरत है।'

विवादों को सुलझाने के लिए हुआ तीन सदस्यीय समिति का गठन
सोमवार को हुई बैठक में कांग्रेस ने पायलट की ओर से उठाए गए मुद्दों को सुलझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करने का फैसला किया। ऐसा करते हुए पार्टी ने राजस्थान में चल रही आंतरिक कलह और संकट को खत्म करने का संकेत दिया। पार्टी की ओर से यह बयान पायलट की राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात के कुछ घंटों बाद आया।  इस बैठक में जहां पायलट ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने अपनी सभी समस्याएं रखीं तो राहुल ने भी सभी मुद्दों पर विचार कर उचित फैसला लेने का आश्वासन दिया। 

मुख्यमंत्री गहलोत से मिले तीन निर्दलीय विधायक
वहीं, मंगलवार की सुबह राजस्थान के तीन निर्दलीय विधायकों ने आज मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार निर्दलीय विधायकर ओम प्रकाश हुडला, सुरेशा टैंक और खुशवीर सिंह ने गहलोत से उनके जयपुर स्थित आवास पर मुलाकात की। बता दें कि अशोक गहलोत की सरकार को समर्थन दे रहे 10 निर्दलीय विधायक भी 31 जुलाई से जैसलमेर में दो होटलों में रुके हुए हैं।

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