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इस Sarkari Yojana से कारोबारियों, स्‍व-रोजगार वालों को मिलेगी हर माह 3 हजार रु. Pension, जानिये नियम, लें लाभ

केंद्र सरकार द्वारा आम जनता के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनसे लोगों को आर्थिक मदद मिलती है। नौकरीपेशा वर्ग के लिए तो भविष्‍य निधि संगठन जैसी ईकाइयां हैं जो नौकरी के बाद या नौकरी रहते हुए भी आर्थिक सुरक्षा देती हैं लेकिन व्‍यापारी वर्ग और स्‍वरोजगार करने वाले लोगों को अपने भविष्‍य की सुरक्षा स्‍वयं करना होती है। लेकिन चिंता की बात नहीं है। कारोबारी वर्ग के लिए भी सरकार के पिटारे में अच्‍छी खासी योजना है। इसके लाभ के दायरे में आने वाले व्‍यापारियों को प्रति माह 3 हजार रुपए की निश्चित पेंशन राशि प्राप्‍त होती है। साथ ही, लाभार्थी के नामित परिजनों को भी पेंशन में 50 प्रतिशत राशि बतौर पारिवारिक पेंशन दी जाती है। नेशनल पेंशन स्‍कीम यानी राष्‍ट्रीय पेंशन योजना के तहत यह सुविधा दी जाती है। इसका संचालन भारत सरकार (GOVERNMENT OF INDIA) के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (MINISTRY OF LABOUR EMPLOYMENT) द्वारा किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए इसके आधिकारिक पोर्टल पर विजिट करें। इसके लिए यहां Click करें। यहां विस्‍तार से जानिये इस योजना के नियम, शर्तें, पात्रता, दस्‍तावेज, लाभ का दायरा और फायदा उठाएं।

क्‍या है स्‍व-रोजगार पेंशन योजना Self-Employed NPS-Traders Scheme

यह योजना मुख्‍य रूप से वृद्धावस्था में आर्थिक मदद, खुदरा व्यापारियों / दुकानदारों और Self-Employed व्यक्तियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए है। जिनका वार्षिक टर्न ओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है, यह उनके लिए है। इसके दायरे में तमाम खुदरा व्यापारी / दुकानदार और स्व-नियोजित व्यक्ति ज्यादातर दुकान के मालिक, खुदरा व्यापारियों, चावल मिल मालिकों, तेल मिल मालिक, वर्कशॉटप मालिक, कमीशन एजेंट, अचल संपत्ति के दलाल, छोटे होटलों, रेस्तरां के मालिक और अन्य लघु व्यपारियों को शामिल किया गया है।

यह है इस योजना की खासियत

यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसके तहत 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद सब्सक्राइबर को न्यूनतम 3000 / रु.- प्रति माह पेंशन प्राप्त होगी और यदि ग्राहक की मृत्यु हो जाती है, तो लाभार्थी का जीवनसाथी नियमानुसार इस पेंशन राशि को पाने का हकदार होगा। परिवार के सदस्‍य पेंशन राशि के रूप में पेंशन का 50% हिस्‍सा प्राप्त करते हैं। पारिवारिक पेंशन केवल पति या पत्नी के लिए लागू होती है।

योजना का लाभ लेने की पात्रता एवं मापदंड

खुदरा व्यापारी / दुकानदार या स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति 18 से 40 वर्ष के बीच आयु के होना चाहिये। उनका वार्षिक कारोबार या सालाना टर्न ओवर डेढ़ करोड़ रुपए 1.5 करोड़ या इससे कम होना चाहिये।

खुदरा व्यापारियों / दुकानदारों द्वारा योगदान

एनपीएस-ट्रेडर्स में शामिल होने की तारीख से 'ऑटो-डेबिट' सुविधा के माध्यम से अपने बचत बैंक खाते / जन-धन खाते से चार्ट के अनुसार लाभार्थी की आयु 60 साल से कम होना चाहिये। केंद्र सरकार भी उनके पेंशन खाते में समान मिलान में अपने अंशदान का योगदान देगी।

यह नहीं होना चाहिये

- किसी भी संगठित क्षेत्र में कार्यरत हों। या EPF, NPS ESIC की सदस्यता हो।

- PM-SYM का एक लाभार्थी नहीं चलेगा।

- आयकर दाता नहीं होना चाहिये।

ये कागज होना चाहिये

- आवेदक के पास आधार कार्ड

- बचत बैंक खाता / जन धन खाता नंबर IFSC कोड के साथ उपलब्‍ध होना चाहिये।

यह है नामांकन की प्रक्रिया:

खुदरा व्यापारियों / दुकानदारों और स्व-नियोजित व्यक्तियों को निकटतम कॉमन सर्विसेज सेंटर (CSC) पर विजिट करना होगा और सेल्‍फ अटेस्‍टेड आधार कार्ड और बचत बैंक / जन-धन खाता संख्या का उपयोग करके एनपीएस-ट्रेडर्स के लिए नामांकन हासिल करन होगा। पहली सदस्यता के लिए नगद भुगतान करना होगा और अगले महीने से ऑटो डेबिट भुगतान की सुविधा शुरू हो जाएगी।

बाद में यह सुविधा प्रदान की जाएगी और खुदरा व्यापारी / दुकानदार और स्व-नियोजित व्यक्ति भी एनपीएस-ट्रेडर्स वेब पोर्टल पर लॉग इन कर सकेंगे। वे अपने सेल्‍फ अटेस्‍टेशन के आधार पर बचत बैंक खाते / जन-धन खाता नंबर का उपयोग करके मोबाइल ऐप और सेल्‍फ रजिस्‍टर डाउनलोड कर सकते हैं स्व-प्रमाणन आधार।

नामांकन एजेंसियां: इस नामांकन देश के सभी कॉमन सर्विसेज सेंटर द्वारा किया जाएगा।

सुविधा केंद्र: राज्य और केंद्र सरकारों के सभी श्रम कार्यालय, एलआईसी के सभी शाखा कार्यालय, ईएसआईसी / ईपीएफओ के कार्यालय खुदरा व्यापारियों / दुकानदारों और योजना के बारे में स्व-नियोजित लोगों को पूरी जानकारी देने के लिए सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। इसके लाभ और प्रक्रिया का पालन, उनके सुविधा डेस्क / हेल्प डेस्क पर किया जाता है।

फंड का प्रबंधन: पीएम-एसवाईएम एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसे श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। इसे भारतीय जीवन बीमा निगम और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी) के माध्यम से लागू किया गया है। LIC पेंशन फंड मैनेजर होगा और पेंशन भुगतान के लिए जिम्मेदार होगा।