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अफगानिस्तान : जुमे की नामज के बाद आज सरकार का गठन कर सकता है तालिबान, यह हो सकते है शामिल

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता का ऐलान शुक्रवार को हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार की नमाज के बाद तालिबान सरकार बनाएगा। इस तरह सत्ता पर काबिज होने के दो हफ्ते बाद तालिबान देश में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान को अपने नियंत्रण में ले लिया था। इस्लामिक आतंकवादी समूह ने अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी के बाद अपनी जीत में खुशी मनाई, दशकों के युद्ध के बाद देश में शांति और सुरक्षा लाने की अपनी प्रतिज्ञा दोहराई। तालिबान पहले ही कह चुका है कि वह ईरान की तर्ज पर शरीया कानून के जरिए अफगानिस्तान में शासन चलाएगा।

Taliban Government in Afghanistan: कौन-कौन होगा शामिल

  • तालिबान की सरकार में अफगानिस्‍तान एक इस्‍लामिक मुल्‍क होगा।
  • मुखिया तालिबान का सुप्रीम लीडर होगा।
  • राष्‍ट्रपति हो या प्रधानमंत्री सभी इस सुप्रीम लीडर के इशारों पर ही काम करेंगे।
  • मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदजादा को मिला पद देश में राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही रूप से सर्वोच्‍च होगा।
  • नेतृत्व परिषद बनेगी, जिसके सदस्यों में तालिबान के सदस्य, धर्म गुरु, सूबे के पूर्व प्रशासक और सैनिक कमांडर शामिल होंगे।
  • नई सरकार में अब्‍दुल गनी बरादर, मुल्‍ला उमर के बेटे मुल्‍ला याकूब की भूमिका अहम होगी।
  • कतर की मदद से चलेगा काबुल एयरपोर्ट

अमेरिकी सेना ने पूरी तरह अफगानिस्तान छोड़ दिया है। 30 अगस्त को उसके आखिरी सैनिक ने भी काबुल एयरपोर्ट छोड़ दिया। अब तालिबान ने कतर से एयरपोर्ट संचालन में तकनीकी मदद मांगी है। कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने कहा है कि खाड़ी राज्य तालिबान के साथ बात कर रहा है और काबुल हवाई अड्डे पर परिचालन फिर से शुरू करने के लिए तकनीकी सहायता के बारे में तुर्की के साथ काम कर रहा है।

कहीं कंगाल न हो जाए अमेरिका

इस बीच, विभिन्न संगठनों ने अफगानिस्तान में भयंकर सूखे के रूप में तबाही की चेतावनी दी है। यहां युद्ध की उथल-पुथल ने हजारों परिवारों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर कर दिया है। अफगानिस्तान को पैसे की सख्त जरूरत है। अफगानिस्तान की 10 बिलियन डॉलर की संपत्ति तक तालिबान का पहुंचना आसान नहीं होगा, क्योंकि ज्यादातर अफगान केंद्रीय बैंकों का पासा विदेशों में है।

 

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