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कोरोना के नए स्ट्रेन का खौफ : ब्रिटेन में फरवरी मध्य तक सब कुछ बंद, पीएम बोरिस जॉनसन ने लगाया डेढ़ महीने का सख्त लॉकडाउन

बोरिस जॉनसन ने फिर से देश में लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा कि कोरोना से निपटने के लिए कम से कम फरवरी के मध्य तक नया नेशनल लॉकडाउन लगाया है

नई दिल्ली। कोरोना के नए स्ट्रेन के आने के बाद से ब्रिटेन खौफ में है। यहां हर रोज 50 हजार से ज्यादा नए कोरोना के केस आ रहे हैं। इसे देखते हुए ब्रिटेन एक बार फिर 2020 के मध्य जैसी स्थिति में पहुंच गया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पूरे देश में सख्त लॉकडाउन लगा दिया है। बोरिस जॉनसन ने फिर से देश में लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा कि कोरोना से निपटने के लिए कम से कम फरवरी के मध्य तक नया नेशनल लॉकडाउन लगाया है ताकि नए स्ट्रेन को रोका जा सके। इसका मतलब है कि सरकार एक बार फिर से आपको घर में रहने के लिए निर्देश दे रही है।

बता दें कि फाइजर और ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन को ब्रिटेन में आपात उपयोग की अनुमति मिल चुकी है। कल ही ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है। अभी तक लाखों लोग इन वैक्सीन की पहली खुराक ले चुके हैं। वहीं कोरोना का यह नया स्ट्रेन देश में आफत का सबब बना हुआ है। इसे देखते हुए सरकार को लॉकडाउन का ऐलान करना पड़ा है। 

बोरिस जॉनसन ने सोमवार रात को देश को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह कोरोना वायरस के केस बढ़ रहे हैं। उससे साफ है कि हमें और मेहनत करने की जरूरत होगी। यह देश के लिए एक बेहद कठिन दौर है। देश के हर हिस्से में कोरोना के मामले बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। फिलहाल, ब्रिटेन में स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद रहेंगे, क्लासेस ऑनलाइन ही चलेंगी। विश्वविद्यालय के छात्र कम से कम फरवरी के मध्य तक कैम्पस वापस नहीं लौटेंगे। लॉकडाउन के दौरान लोगों को घरों में ही रहना होगा। लोग सिर्फ जरूरी काम से ही घर से निकल सकते हैं। 

बेहद सख्त होगा लॉकडाउन 

प्रधानमंत्री जॉनसन ने साफ कर दिया है कि यह लॉकडाउन काफी सख्त होगा। सभी गैर-जरूरी दुकानें और हेयरड्रेसर जैसी पर्सनल केयर सर्विस बंद रहेंगी। रेस्तरां केवल टेकअवे सेवाएं मुहैया कराएंगे। बता दें कि सोमवार तक इंग्लैंड के अस्पतालों में 26,626 मरीज थे। यह पिछले सप्ताह की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। इस मौसम में यह पहली लहर के उच्चतम स्तर से 40 फीसदी अधिक है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कड़ी पाबंदियों के संकेत पहले ही दे दिए थे। पीएम ने सोमवार को ही कोरोना को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंधों की रूपरेखा तैयार की थी।

 

कोरोना के नए स्ट्रेन के आने के बाद से ब्रिटेन खौफ में है। यहां हर रोज 50 हजार से ज्यादा नए कोरोना के केस आ रहे हैं। इसे देखते हुए ब्रिटेन एक बार फिर 2020 के मध्य जैसी स्थिति में पहुंच गया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पूरे देश में सख्त लॉकडाउन लगा दिया है। बोरिस जॉनसन ने फिर से देश में लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा कि कोरोना से निपटने के लिए कम से कम फरवरी के मध्य तक नया नेशनल लॉकडाउन लगाया है ताकि नए स्ट्रेन को रोका जा सके। इसका मतलब है कि सरकार एक बार फिर से आपको घर में रहने के लिए निर्देश दे रही है।
बता दें कि फाइजर और ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन को ब्रिटेन में आपात उपयोग की अनुमति मिल चुकी है। कल ही ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है। अभी तक लाखों लोग इन वैक्सीन की पहली खुराक ले चुके हैं। वहीं कोरोना का यह नया स्ट्रेन देश में आफत का सबब बना हुआ है। इसे देखते हुए सरकार को लॉकडाउन का ऐलान करना पड़ा है। 
बोरिस जॉनसन ने सोमवार रात को देश को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह कोरोना वायरस के केस बढ़ रहे हैं। उससे साफ है कि हमें और मेहनत करने की जरूरत होगी। यह देश के लिए एक बेहद कठिन दौर है। देश के हर हिस्से में कोरोना के मामले बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। फिलहाल, ब्रिटेन में स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद रहेंगे, क्लासेस ऑनलाइन ही चलेंगी। विश्वविद्यालय के छात्र कम से कम फरवरी के मध्य तक कैम्पस वापस नहीं लौटेंगे। लॉकडाउन के दौरान लोगों को घरों में ही रहना होगा। लोग सिर्फ जरूरी काम से ही घर से निकल सकते हैं। 
बेहद सख्त होगा लॉकडाउन प्रधानमंत्री जॉनसन ने साफ कर दिया है कि यह लॉकडाउन काफी सख्त होगा। सभी गैर-जरूरी दुकानें और हेयरड्रेसर जैसी पर्सनल केयर सर्विस बंद रहेंगी। रेस्तरां केवल टेकअवे सेवाएं मुहैया कराएंगे। बता दें कि सोमवार तक इंग्लैंड के अस्पतालों में 26,626 मरीज थे। यह पिछले सप्ताह की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। इस मौसम में यह पहली लहर के उच्चतम स्तर से 40 फीसदी अधिक है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कड़ी पाबंदियों के संकेत पहले ही दे दिए थे। पीएम ने सोमवार को ही कोरोना को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंधों की रूपरेखा तैयार की थी।

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