Follow us:

5 करोड़ की 2 घड़ियों पर Hardik Pandya की सफाई, खुद काउंटर पर गया और कस्टम ड्यूटी जमा की

टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या मुश्किल में फंसे गए हैं। हार्दिक पांड्या जब टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेकर भारत लौटे तो एयरपोर्ट पर तलाशी के दौरान उनके पास से 5 करोड़ रुपए कीमक ती दो घड़ियां बरामद हुईं। हार्दिक पांड्या के पास इन लक्झरी घड़ियों के बिल नहीं थे। साथ ही उन्होंने इन घड़ियों का जिक्र अपने सामान की लिस्ट में किया था। मुंबई कस्टम विभाग ने इसकी पुष्टि की है। वहीं हार्दिक ने भी सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि वे खुद मुंबई हवाई अड्डे के सीमा शुल्क काउंटर पर गए और अपने द्वारा लाए गए सामानों की घोषणा की। साथ ही जरूरी सीमा शुल्क का भुगतान भी कर दिया। आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हार्दिक पंड्या ने कहा, मैं स्वेच्छा से मुंबई हवाई अड्डे के सीमा शुल्क काउंटर पर मेरे द्वारा लाए गए सामानों की घोषणा करने और सीमा शुल्क का भुगतान करने के लिए गया था। मुंबई हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क के बारे में मेरी घोषणा के बारे में सोशल मीडिया पर गलत खबरें चल रही हैं, और जो कुछ हुआ उसके बारे में मैं स्पष्ट करना चाहता हूं।

जानिए क्या है पूरा घटनाक्रम

यह घटनाक्रम रविवार देर रात का है जब भारतीय क्रिकेट टीम यूएई से भारत लौटी। टीम इंडिया के प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और टीम पाकिस्तान तथा न्यूजीलैंड से हारने के बाद सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी। वहीं हार्दिक पांड्या को खूब मौके मिले, लेकिन अहम मुकाबलों में वे फ्लॉप साबित हुए।

हार्दिक पांड्या लक्झरी लाइफ जीते हैं। हार्दिक दुनिया की कुछ सबसे महंगी घड़ियों के मालिक हैं और उनके घड़ी संग्रह में पाटेक फिलिप नॉटिलस प्लेटिनम 5711 भी शामिल है - जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है। जीक्यू इंडिया के अनुसार, घड़ी 32 बैगूएट-कट पन्ना से बनी है। इससे पहले अगस्त में, आईपीएल 2021 के दूसरे चरण से एक महीने पहले हार्दिक ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की थी, जिनमें वे महंगी घड़ियों के साथ नजर आए थे।कुणाल पांड्या के साथ भी हुआ ऐसा ही केस

दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल हार्दिक के बड़े भाई कुणाल पांड्या को दुबई से लौटते समय मुंबई एयरपोर्ट पर अघोषित सोने और अन्य कीमती सामान रखने के संदेह में हिरासत में लिया गया था। कुणाल के पास से एक करोड़ रुपये का सोना और कुछ अघोषित लग्जरी घड़ियां बरामद हुई थीं। डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, मामला हवाईअड्डा सीमा शुल्क को सौंप दिया गया था। 

Related News